खराब हैंडपंपों की मरम्मत और नई रोस्टरिंग से लोहाघाट क्षेत्र में जलापूर्ति बहाल
लोहाघाट/चम्पावत। बढ़ती गर्मी और जल स्रोतों के लगातार गिरते जलस्तर के कारण लोहाघाट नगर, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तथा पंचेश्वर मार्ग स्थित सेरीगैर मोहल्ले में उत्पन्न पेयजल संकट का जिलाधिकारी मनीष कुमार ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जल संस्थान को तत्काल कार्यवाही करने के सख्त निर्देश दिए, जिसके अनुपालन में प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को तेजी से दुरुस्त कर लिया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर चम्पावत से पहुंची विशेष तकनीकी टीम ने पंचेश्वर मार्ग स्थित कलीगांव तथा राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान परिसर छमनियां में खराब सोलर हैंडपंपों की मरम्मत रिकॉर्ड समय में पूरी कर उन्हें पुनः चालू कर दिया। इससे पॉलिटेक्निक छात्रावास में रह रहे लगभग 150 छात्र-छात्राओं, 26 आवासीय परिवारों तथा स्थानीय ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।

इसके अतिरिक्त पाटनगाड़ एवं सुंई लिफ्ट पेयजल योजना के स्रोतों में 40 से 50 प्रतिशत तक जल कमी आने के बावजूद जल संस्थान द्वारा नई रोस्टरिंग व्यवस्था लागू कर नियमित और संतुलित जल वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे सभी क्षेत्रों में पर्याप्त दबाव के साथ पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है।
वहीं पंचेश्वर मार्ग के सेरीगैर मोहल्ले में खराब हुए मुख्य हैंडपंप के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद जल संस्थान की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुख्य सड़क के पास स्थित हैंडपंप की मरम्मत कर उसे पुनः चालू कर दिया। साथ ही, मरम्मत कार्य पूर्ण होने तक प्रभावित परिवारों एवं स्थानीय नागरिकों को टैंकरों के माध्यम से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया गया। जल संस्थान लोहाघाट के सहायक अभियंता पवन बिष्ट ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुरूप विभाग लगातार क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था पर निगरानी बनाए हुए है तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।

